पटना: बिहार में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव 2026 का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। समापन समारोह में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह महोत्सव केवल आम का उत्सव नहीं, बल्कि राज्य की खेती, बागवानी और किसानों की मेहनत का उत्सव है। उन्होंने बताया कि राज्य में लुप्त हो रही आम की पारंपरिक किस्मों को संरक्षित करने के लिए हर जिले में विशेष मॉडल बाग विकसित करने की योजना बनाई जाएगी।
पारंपरिक आम किस्मों के संरक्षण पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और यहां के किसान ही अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने भागलपुर के जर्दालू और दीघा के दुधिया मालदह जैसे प्रसिद्ध आमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये किस्में देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुकी हैं। महोत्सव में 53 से अधिक आम की किस्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
किसान बन रहा है उद्यमी
मंत्री ने कहा कि आज का किसान केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उद्यमिता की ओर भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित व्यवसाय, नवाचार और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। महोत्सव में आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे किसानों को फसलों में रोग और कीट की पहचान में मदद मिल सके।
प्राकृतिक खेती और सुरक्षित उत्पादन पर जोर
कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि फलों को पकाने के लिए हानिकारक रसायनों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होता है।
लाखों का कारोबार और हजारों की भागीदारी
तीन दिवसीय इस महोत्सव में करीब 20 लाख रुपये के फल और पौधों का व्यापार हुआ, जबकि 14 हजार से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया। यह आयोजन किसानों के लिए आर्थिक और तकनीकी रूप से लाभकारी साबित हुआ।
नई पीढ़ी का खेती की ओर बढ़ता रुझान
महोत्सव के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं की भागीदारी को सराहते हुए मंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी का खेती की ओर बढ़ता रुझान राज्य के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। समारोह में कई जनप्रतिनिधियों, किसानों और विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। उन्होंने सभी सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और बिहार को फल उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराया।
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