नई दिल्ली: कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम के दौर में फसलों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। समय पर सही प्रबंधन अपनाकर न केवल फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है, बल्कि पैदावार में भी बढ़ोतरी संभव है। खराब मौसम या फसल के प्रतिकूल मौसम में फसल की उचित देखभाल अत्यंत आवश्यक है।
फसल को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों और अचानक बदलते मौसम में ग्रीन नेट और पॉलीहाउस का उपयोग फसलों के लिए बेहद कारगर साबित होता है। इससे पौधों को ठंड, ओलावृष्टि और कीटों से सुरक्षा मिलती है। ग्रीन नेट के भीतर अनुकूल तापमान बना रहता है, जिससे पौधों की बढ़वार प्रभावित नहीं होती।
पानी की कमी से निपटने का तरीका
पानी की कमी फसलों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। कृषि विशेषज्ञ ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने की सलाह देते हैं। ड्रिप सिस्टम से पानी सीधे जड़ों तक पहुंचता है, जिससे पानी की बचत होती है और पौधों को जरूरत के अनुसार नमी मिलती रहती है। इसी प्रणाली के जरिए तरल खाद और दवाओं का भी प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
फसल और बगीचे की नियमित देखभाल
विशेषज्ञों के अनुसार फसलों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। समय-समय पर पत्तियों और जड़ों की जांच करनी चाहिए। सूखी, संक्रमित या रोगग्रस्त पत्तियों को तुरंत हटाने से कीट और रोग फैलने का खतरा कम हो जाता है। संतुलित सिंचाई और उचित पोषण से पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं।
कीट और रोग नियंत्रण पर विशेष जोर
खराब मौसम में कीट और रोग तेजी से फैलते हैं। ऐसे में ग्रीन नेट पॉलीहाउस के भीतर फसल उगाने से कीट प्रकोप काफी हद तक कम किया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जरूरत पड़ने पर सल्फोसल्फ्यूरान और मेटसल्फ्यूरान मिथाइल जैसे अनुशंसित रसायनों का प्रयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही गोबर की खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की सेहत बेहतर होती है और पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सरकारी सहायता से मिल रहा मार्गदर्शन
कृषि विभाग लगातार किसानों को मौसम आधारित खेती और फसल सुरक्षा को लेकर जागरूक कर रहा है। किसी भी समस्या की स्थिति में किसान टोल फ्री नंबर के माध्यम से विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। विभाग की ओर से कीट नियंत्रण, सिंचाई और पौध संरक्षण से जुड़ी जानकारी नियमित रूप से साझा की जा रही है।
छोटे प्रयास, बड़ा फायदा
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर सिंचाई, उचित दवा का छिड़काव, पॉलीहाउस या ग्रीन नेट का उपयोग और मिट्टी की देखभाल जैसे छोटे प्रयास किसानों को बड़े नुकसान से बचा सकते हैं। इससे फल, फूल और सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर होती है और पैदावार में भी इजाफा होता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक थोड़ी सी समझदारी और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान और बगीचेदार अपने खेत और बगीचे को खराब मौसम के प्रभाव से सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर आमदनी सुनिश्चित कर सकते हैं।
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