नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने अश्वगंधा का उपयोग करने वाली कंपनियों को सख्त चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों में केवल अश्वगंधा की जड़ और उसके अर्क का ही इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि इसकी पत्तियों या उनके अर्क का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कंपनियों को नियमों के पालन का निर्देश
खाद्य व्यवसाय संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने सभी उत्पादों की जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी रूप में अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग न किया गया हो। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अश्वगंधा एक प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग लंबे समय से औषधियों में किया जाता रहा है। वर्तमान समय में इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य पूरक उत्पादों, पोषण पेय और अन्य कल्याण से जुड़े उत्पादों में तेजी से बढ़ा है।
नियमों के उल्लंघन पर बढ़ी सख्ती
प्राधिकरण के अनुसार कुछ कंपनियां अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का उपयोग कर रही थीं, जो निर्धारित मानकों के खिलाफ है। खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2016 के तहत केवल जड़ और उसके अर्क के उपयोग की अनुमति है, वह भी तय मात्रा में।
दवा कंपनियों को भी दिए गए निर्देश
आयुष मंत्रालय ने भी आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अश्वगंधा की पत्तियों का किसी भी रूप में उपयोग न करें। वैज्ञानिक अध्ययनों में पत्तियों से जुड़े कुछ सुरक्षा संबंधी जोखिम सामने आए हैं, जिनमें कुछ तत्व अधिक मात्रा में होने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। प्राधिकरण का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस सख्ती से बाजार में उपलब्ध उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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