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अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए अपनाएँ ये उपाय

वर्षों की मेहनत के बाद उगाए गए अनाज का सुरक्षित भंडारण एक काफी बड़ी चुनौती है। यदि अनाज का भंडारण उचित तरीके से ना किया जाए तो इसमें लगी सारी मेहनत और सारा खर्च कुछ ही समय में बर्बाद हो सकता है। कुछ कीट अनाज, दालों व उनकी फलियों पर दिए गए अंडों के जरिए घरों में पहुंच जाते हैं। कई बार पुरानी बोरियों और यहाँ तक कि अनाज ढोने वाले वाहन के जरिये भी कीट घरों में पहुंच जाते हैं और अनाज को नुकसान पहुंचाते हैं। यदि अनाज भंडारण गृह की दीवारों में छेद हों तो कीट इनके जरिये भी अंदर पहुँच कर अनाज को क्षति पहुँचा सकते हैं। अगर आप भंडारण गृह में गंदगी रखते हैं, तो वहाँ बहुत जल्दी कीट पैदा हो जाते हैं। यदि आप अनाज का सुरक्षित भंडारण करना चाहते हैं तो इन उपायों को अपनाते हुए कुछ अतिरिक्त सावधानियाँ बरतें:

जहां अनाज का भंडारण कर रहे हैं, उस जगह की दीवारों में अगर दरारें या छेद हों, तो अनाज रखने से पहले उन्हें सीमेंट से भर दें और पुताई करा दें। ताकि चूहों आदि के जाने-आने का रास्ता न बन पाए। इसका एक फायदा ये होगा कि भंडार गृह नमी से मुक्त रहेगा।

प्लास्टिक का कंटेनर अनाज रखने के लिए उपयुक्त रहता है। जिस स्थान पर आप कंटेनर रख रहे हैं, वहां पहले चारकोल बिछा लें। इससे अनाज कीड़ों से सुरक्षित रहेगा।

यदि भंडार गृह में पुराने बोरों का प्रयोग करना है, तो इन्हें 1% मैराथियान के घोल में 10 मिनट तक डूबो दें और सुखा कर प्रयोग करें।

भंडार गृह में रखे अनाज की हर 15 दिन के अंतराल में देखरेख करते रहें।

अनाज के बोरों को दीवारों से दूर रखें।

चावल का भंडारण करने के लिए पहले नीम की पत्तियों को छाया में सुखा लें और फिर कंटेनर में नीचे रख दें। फिर चावल भर कर उसके ऊपर और पत्तियां रख दें। इससे कीड़े होने की संभावना कम हो जाती है।

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