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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, हर स्थिति में किसानों की सहायता का आश्वासन

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पाकिस्तान के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव, के मद्देनजर खाद्यान्न सुरक्षा और किसानों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई।

राष्ट्रीय सुरक्षा और कृषि विभाग की तत्परता

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री चौहान ने कहा, “भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्योछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है। एक तरफ हमारे जवान सीमा पर तैनात हैं, पाकिस्तान के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारे किसान खेतों में तैयार हैं।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय किसी भी स्थिति में किसानों को आवश्यक सहायता देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

खाद्यान्न उत्पादन और उपलब्धता

मंत्री चौहान ने बताया कि वर्ष 2023-24 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 3322.98 लाख मीट्रिक टन था, जो 2024-25 में बढ़कर 3474.42 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। चावल का उत्पादन पिछले वर्ष के 1378.25 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 1464.02 लाख मीट्रिक टन हो गया है। गेहूं का उत्पादन भी 1132.92 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 1154.30 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है।

इसके अतिरिक्त, दालों का उत्पादन 242.46 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 250.97 लाख मीट्रिक टन, तिलहन का उत्पादन 396.69 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 428.98 लाख मीट्रिक टन, और बागवानी फसलों का उत्पादन 3547 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 3621 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। विशेष रूप से, आलू का उत्पादन 570.53 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 595.70 लाख मीट्रिक टन, प्याज का उत्पादन 242.67 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 288.77 लाख मीट्रिक टन, और टमाटर का उत्पादन 213.23 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 215.49 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है।

खरीफ सीजन की तैयारियाँ और किसानों के लिए योजनाएँ

मंत्री चौहान ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की और किसानों के लिए समय पर उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।” इसके अलावा, उन्होंने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मखाना बोर्ड की स्थापना में तेजी

कृषि मंत्री ने बिहार में मखाना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मखाना बोर्ड के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। केंद्रीय बजट 2025-26 में 100 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश के साथ मखाना बोर्ड की घोषणा की गई थी। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसानों से सुझाव लेकर बोर्ड के गठन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए।

कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका और तकनीकी पहल

मंत्री चौहान ने कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका की सराहना की, जिनके द्वारा विकसित किस्मों और शोध के कारण बढ़ते हुए तापमान में भी उत्पादन में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा, “जवान तैयार है, किसान तैयार है और वैज्ञानिक भी तैयार हैं, उनका अनुसंधान भी काम आएगा।” इसके अतिरिक्त, उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे किसानों के बीच रहकर उन्हें जागरूक करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।

कृषि विभाग की तत्परता और रक्तदान अभियान

मंत्री चौहान ने बताया कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय किसी भी आपातकालीन स्थिति में किसानों को आवश्यक सहायता देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि 14 मई को केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी रक्तदान करेंगे, ताकि राष्ट्रीय संकट के समय में भी योगदान दिया जा सके। कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार खाद्यान्न सुरक्षा, किसानों की भलाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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