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छत्तीसगढ़ में मॉनसून के साथ खेती ने पकड़ी रफ्तार, अब तक 6.04 लाख हेक्टेयर में हुई खरीफ बुवाई

रायपुर: देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की दस्तक के साथ ही खरीफ सीजन की खेती रफ्तार पकड़ चुकी है। छत्तीसगढ़ भी अब इस कड़ी में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में किसानों ने खेतों में बुवाई शुरू कर दी है और सरकार की ओर से भी खाद-बीज वितरण का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों को समय पर सभी आवश्यक कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद और बीज की आसानी से और पारदर्शी तरीके से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अफसरों से कहा कि कोई भी किसान खाद-बीज के अभाव में खरीफ बुवाई से वंचित न रहे और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खाद-बीज वितरण में आई तेजी

राज्य सरकार के मुताबिक, अब तक 6.58 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 3.68 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों के बीच बांटे जा चुके हैं। कृषि विकास और किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने विभागीय अधिकारियों को खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है, ताकि वितरण प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। सरकार ने खरीफ 2025 के लिए कुल 4.95 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। अभी तक बांटा गया बीज लक्ष्य का 74 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में राज्य बीज निगम ने 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए थे।

खरीफ बुवाई का क्षेत्रफल लगातार बढ़ रहा

मॉनसून की सक्रियता के साथ ही बुवाई क्षेत्र में तेजी से इजाफा हो रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, अब तक राज्य में 6.04 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। इस सीजन में कुल 48.85 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल बोने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग के अनुसार, 23 जून 2025 तक राज्य में औसतन 62.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूरे सीजन में छत्तीसगढ़ की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी होती है।

14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य

राज्य सरकार ने खरीफ सीजन के लिए 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य तय किया है। अब तक 11.36 लाख मीट्रिक टन उर्वरक सहकारी और निजी क्षेत्र में भंडारित किए जा चुके हैं, जिनमें से 6.58 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण और उसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए हैं, ताकि कहीं भी किसानों को उर्वरक के लिए भटकना न पड़े।

किसानों की सुविधा पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों की सुविधा है। खरीफ बुवाई की सफलता के लिए राज्य सरकार खाद-बीज, सिंचाई और तकनीकी सहायता जैसी बुनियादी सुविधाओं को समय पर किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर गांव, हर किसान तक मदद पहुंचे, इसके लिए जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत किया जाए। छत्तीसगढ़ में खरीफ की मुख्य फसलें धान, मक्का, सोयाबीन और अरहर हैं। मॉनसून की सही समय पर शुरुआत और सरकार के सहयोगात्मक रवैये से इस बार राज्य में खरीफ उत्पादन को लेकर उम्मीदें काफी मजबूत हैं। राज्य सरकार की तैयारी और किसानों के उत्साह को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में यह खरीफ सीजन उत्पादन और आमदनी—दोनों के लिहाज़ से फायदेमंद साबित हो सकता है।

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