जयपुर: रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत राजस्थान में सरसों और चना की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू कर दी गई है। पंजीकृत किसानों से इन फसलों की खरीद 25 मार्च से आरंभ होगी। केंद्र सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए टोल मुक्त सहायता क्रमांक 1800-180-6001 भी जारी किया गया है।
निर्धारित तिथि पर ही करें उपज की बिक्री
किसानों से अपील की गई है कि वे अपने दूरभाष पर प्राप्त संदेश के अनुसार निर्धारित तिथि पर ही अपनी उपज खरीद केंद्र पर लेकर पहुंचें। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि निर्धारित तिथि से अधिकतम 10 दिनों के भीतर उपज की तौल करवाई जा सके, जिससे भुगतान समय पर हो सके। श्रीगंगानगर जिले में किसानों की सुविधा के लिए कुल 59 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सरसों और चना की खरीद की जाएगी।
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने समीक्षा बैठक में कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान में सरसों और चना की खरीद में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही पाए जाने पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन खरीद केंद्रों पर पहले अनियमितताएं सामने आई हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए। फर्जी पंजीकरण करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिकायत न आए, इसके लिए उप रजिस्ट्रार और संबंधित अधिकारी प्रतिदिन केंद्रों का निरीक्षण करें।
एक केंद्र पर दो हजार से अधिक टोकन नहीं
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी खरीद केंद्र पर दो हजार से अधिक टोकन जारी नहीं किए जाएंगे। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए नियमित रूप से फीडबैक लिया जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नई सहकारी समितियों के गठन और गोदाम निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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