खेती-किसानी

प्याज की ये किस्म किसानों को देगी ज्यादा पैदावार और बेहतर  मुनाफा

नई दिल्ली: उच्च गुणवत्ता और अधिक उत्पादन की चाह रखने वाले किसानों के लिए AFLR किस्म के प्याज के बीज किसी वरदान से कम नहीं हैं। इस वैरायटी के प्याज लंबे समय तक स्टोर किए जा सकते हैं और इनका आकार एक समान व रंग गहरा लाल होता है। यही वजह है कि इनकी बाजार में अच्छी मांग रहती है। अब किसान AFLR प्याज के बीज नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन (NSC) के ऑनलाइन स्टोर से आसानी से खरीद सकते हैं। NSC की वेबसाइट पर इस किस्म के प्याज का 1 किलो पैकेट केवल 2200 रुपये में उपलब्ध है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि रबी सीजन में AFLR बीज की सही समय पर बुवाई करने से किसानों को न सिर्फ अधिक उत्पादन मिलता है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण प्याज की फसल तैयार होती है। यह वैरायटी रोगों के प्रति अधिक सहनशील मानी जाती है, जिससे फसल का नुकसान कम होता है और किसानों को ज्यादा मुनाफा होता है।

AFLR प्याज की खासियतें

इस किस्म के प्याज गोल और समान आकार के होते हैं, जिनका गहरा लाल रंग बाजार में आसानी से ग्राहकों को आकर्षित करता है। AFLR प्याज का स्वाद तीखा होता है और इसमें पल्‍प भी अधिक होता है। यही कारण है कि यह घरेलू उपयोग के साथ-साथ प्रोसेसिंग उद्योग में भी काफी पसंद किया जाता है। इस वैरायटी की सबसे बड़ी खासियत इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता है। AFLR प्याज में फफूंद और अन्य रोगों के प्रति अच्छी सहनशीलता होती है। ऐसे में किसानों को कीटनाशकों पर अधिक खर्च नहीं करना पड़ता और उत्पादन लागत घट जाती है। इसके अलावा AFLR प्याज की शेल्फ लाइफ काफी अच्छी होती है, यानी इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखकर किसान सही समय पर बेच सकते हैं और अधिक दाम हासिल कर सकते हैं।

उत्पादन और बाजार मूल्य

विशेषज्ञों का कहना है कि AFLR बीज की उचित देखभाल और समय पर बुवाई करने से किसान प्रति हेक्टेयर 250 से 300 क्विंटल तक प्याज का उत्पादन कर सकते हैं। चूंकि इस किस्म के प्याज का आकार और रंग आकर्षक होता है, इसलिए थोक और खुदरा दोनों बाजारों में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। बाजार में यह प्याज सामान्य किस्मों की तुलना में ज्यादा दाम दिलाता है। यही वजह है कि AFLR वैरायटी किसानों के लिए उत्पादन और आय दोनों ही मामलों में सुरक्षित और लाभकारी विकल्प साबित हो रही है।

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