लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कुल 65.15 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस क्रम में लखनऊ स्थित राजकीय कृषि प्रक्षेत्र ‘अटारी’ में ‘भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क’ की स्थापना के लिए 51 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये जारी किए गए हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस सीड पार्क के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे फसल उत्पादन और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीड पार्क बनने से अन्य राज्यों पर निर्भरता कम होगी और किसानों को सस्ती दरों पर बीज मिल सकेंगे।
बीज उत्पादन से लेकर हाइब्रिड लैब तक आधुनिक सुविधाएं
कृषि मंत्री के अनुसार, सीड पार्क में बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग, भंडारण, स्पीड ब्रीडिंग और हाइब्रिड लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अगले पांच वर्षों में प्रदेश में कम से कम पांच सीड पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। ये पार्क एकीकृत परिसर के रूप में विकसित होंगे, जहां बीज उत्पादन से लेकर गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण तक की सभी आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा, ताकि क्षेत्र-विशेष की फसलों के लिए बेहतर बीज और तकनीकी समाधान विकसित किए जा सकें। बीज व्यवसायियों को भी इन परियोजनाओं के माध्यम से रियायतें और सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन’ को 9 करोड़ से अधिक
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन’ (SMAE) योजना के तहत राज्यांश सम्मिलित करते हुए 9 करोड़ 5 लाख 62 हजार 500 रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य कृषि तकनीकों का प्रसार और किसानों तक नवीन जानकारी पहुंचाना है। इसके अलावा ‘नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल’ (तिलहन विकास) के लिए 4 करोड़ 68 लाख 5 हजार 550 रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे प्रदेश में खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
आजमगढ़ कैंपस में महिला छात्रावास निर्माण को मंजूरी
Acharya Narendra Deva University of Agriculture and Technology के अंतर्गत आजमगढ़ कैंपस में महिला छात्रावास के अवशेष निर्माण कार्यों के लिए 7.66 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। सरकार का कहना है कि इन निवेशों से प्रदेश के कृषि ढांचे में संरचनात्मक सुधार होंगे और तकनीकी प्रसार को नई गति मिलेगी।
आधुनिक बीज नीति का रोडमैप तैयार
प्रदेश सरकार ने बदलते समय और कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नई और आधुनिक बीज नीति का रोडमैप भी तैयार किया है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि लाना है। सरकार का दावा है कि इन पहलों से उत्तर प्रदेश का कृषि परिदृश्य मजबूत होगा और राज्य को बीज उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
ये भी पढ़ें: इथेनॉल उत्पादन में मक्का बना नंबर वन फीडस्टॉक, 48% पहुंचा हिस्सा
